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सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ का कैंसर: जोखिम कारक और इलाज
सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ का कैंसर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में होने वाले कैंसर में छठे सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर है। यह कैंसर हमारी नाक से लेकर गले तक के हिसà¥à¤¸à¥‡ में होता है। आज हम इस कैंसर से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ हर सवाल के जवाब रेडियो ऑनà¥à¤•ोलॉजिसà¥à¤Ÿ डॉ तà¥à¤°à¤¿à¤°à¤‚जन बसॠसे जानेंगे।Â
सिर व गरà¥à¤¦à¤¨ का कैंसर और इसके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सिर व गरà¥à¤¦à¤¨ का कैंसर आमतौर पर हमारे दिमाग से गले तक के हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में इन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ को हेड à¤à¤‚ड नेक कहा जाता है। हमारी नाक से गले तक किसी à¤à¥€ जगह पर जब कोई परेशानी होती है और वह लंबे वकà¥à¤¤ तक रहती है तो उसे हेड à¤à¤‚ड नेक कैंसर में गिना जाता है। मà¥à¤‚ह में किसी तरह का घाव, दांतों का जीठमें लगना, आवाज में बदलाव, खाना खाने में परेशानी, पानी पीने में गला दरà¥à¤¦ होना इस कैंसर के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हैं। गले में किसी तरह की गांठमहसूस होने पर पर à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह लेना बहà¥à¤¤ जरूरी है।
सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ के कैंसर के जोखिम कारक कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
आमतौर यह कैंसर उन लोगों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जो तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और शराब का सेवन करते हैं। पान सà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥€ के सेवन से हमारे मà¥à¤‚ह में छाले पनपते हैं, जब यह बार-बार होने लगे तो यह कैंसर का जनà¥à¤® दे सकता है। हà¥à¤¯à¥‚मन पैपिलोमा वायरस à¤à¥€ इसका à¤à¤• कारण है।Â
सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ के कैंसर का इलाज कैसे किया जाता है?
सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ के कैंसर के बारे में अगर शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में ही पता चल जाठतो बायोपà¥à¤¸à¥€ के बाद सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जाती है। जब हमें इस बीमारी के बारे में दो से तीन सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ पर पता चल जाठतो कीमोथेरेपी और रेडिà¤à¤¶à¤¨ दी जाती है। कई बीमारी को थोड़ा कम करने के लिठकीमो शà¥à¤°à¥‚ में दिया जाता है। जिसके बाद सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जाती है, फिर दोबारा से कीमोथेरेपी और रेडिà¤à¤¶à¤¨ थेरेपी दी जाती है। कà¥à¤› अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में जैसे कि हमारा वॉयस बॉकà¥à¤¸ यदि वहां पर यह पहली सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में हो जाठतो उसे रेडिà¤à¤¶à¤¨ की मदद से ठीक किया जा सकता है। आसान à¤à¤¾à¤·à¤¾ में समà¤à¥‡ तो सरà¥à¤œà¤°à¥€, रेडिà¤à¤¶à¤¨ और कीमोथेरेपी के संयोजन और शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में किसी à¤à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से इसका इलाज किया जाता है।
सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ के कैंसर के उपचार के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
कैंसर का इलाज कौन सा है और इसकी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ इसके दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारक हैं। जैसे कि सरà¥à¤œà¤°à¥€ करने के बाद उस à¤à¤¾à¤— को आमतौर पर निकाल दिया जाता है, à¤à¤¸à¥‡ में वह हिसà¥à¤¸à¤¾ हमारे शरीर में जो काम करता था, जाहिर तौर पर वह काम अब रà¥à¤• जाà¤à¤—ा। वहीं रेडिà¤à¤¶à¤¨ और कीमोथेरेपी के बाद मरीजों में मà¥à¤‚ह में सूखापन, खाने के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में बदलाव, खाना निगलने में परेशानी होना कà¥à¤› संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हैं, हालांकि यह लंबे वकà¥à¤¤ तक नहीं रहते हैं।Â
उपचार के बाद मरीज को किस तरह की à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतनी चाहिà¤?
हेड à¤à¤‚ड नेक का कैंसर का इलाज किसी à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से नहीं हो सकता है। इसके साथ वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ की जरूरत à¤à¥€ होती है। जिसमें उपचार के बाद मरीज की जिंदगी में काफी बदलाव आते हैं, जिसके बारे में जानना बेहद जरूरी है। यदि सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद आपका मà¥à¤‚ह ठीक से नहीं खà¥à¤²à¤¤à¤¾ है तो आपको थेरेपी देकर सिखाया जाता है। कई बार खाना पाइप के जरिà¤, दिया जाता है, à¤à¤¸à¥‡ में इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में सीखना जरूरी है। खाना किस पà¥à¤°à¤•ार का खाना चाहिà¤, यह जानना बेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। इलाज के बाद धीरे-धीरे हम वापस की जीवन शैली में कैसे लौटे यह जानना जरूरी है। थेरेपी के जरिठआपको वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, खाना घूटना यह सब सिखाया जाता है।Â
सिर और गरà¥à¤¦à¤¨ के कैंसर की कौन सी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ सबसे खतरनाक होती है?
कैंसर की कोई à¤à¥€ बीमारी अगर पहली और दूसरी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में पकड़ में आ जाती है तो उसे किसी à¤à¤• ही इलाज पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से ठीक किया जा सकता है। सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ तीन और चार में à¤à¥€ मरीज ठीक हो सकता है। यदि मरीज की चौथी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ 4ठहै तो सही तरीके से सरà¥à¤œà¤°à¥€ और कीमो की मदद से 60 से 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोग ठीक हो सकते हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में लगà¤à¤— 70 से 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोग ठीक हो सकते हैं। वहीं तीसरी और चौथी सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ में 30 से 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोग ठीक हो सकते हैं, और वह लंबे वकà¥à¤¤ तक जिंदा रह पाते हैं।Â
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